सत्यपाल मलिक (satyapal malik) का वीडियो शेयर करके कांग्रेस ने पीएम नरेंद्र मोदी पर तंज कसा है. मलिक ने पीएम को घमंडी बताया था.

Reading Time: 2 minutes
Thumbnail image of a Lens result

चंडीगढ़: मेघालय के गवर्नर सत्यपाल मलिक ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। हरियाणा के दादरी स्थित स्वामी दयाल धाम में माथा टेकने पहुंचे मलिक ने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन जारी रहने के दौरान वे PM मोदी से मिले थे। जब मुलाकात हुई तो वे बहुत घमंड में थे। मलिक ने यह भी कहा कि जब वे गृह मंत्री अमित शाह से मिले तो उनका कहना था कि किसान आंदोलन को लेकर PM को गलत फीडबैक दिया गया है।

सत्यपाल मलिक मेघालय से पहले जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल रह चुके हैं। वे किसान आंदोलन के समय भी केंद्र सरकार पर हमला करते रहे हैं। दादरी में उन्हें फौगाट खाप ने सम्मानित किया। इसके बाद उन्होंने यह बातें कहीं।

यह कहा सत्यपाल मलिक ने
मलिक ने कहा, ‘मैं किसानों के मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने गया। वहां मेरी 5 मिनट में लड़ाई हो गई। प्रधानमंत्री बहुत घमंड में थे। जब मैंने उन्हें कहा कि 500 लोग मर गए हैं, तो उन्होंने कहा- मेरे लिए मरे हैं? इस पर मैंने कहा कि आपके लिए तो मरे हैं, जो आप राजा बने हुए हो। वहां झगड़ा हो गया।’

बता दें कि सत्यपाल मलिक का राजनीतिक रिश्ता बीजेपी से रहा है, अब वो राज्यपाल हैं लेकिन पिछले कुछ वक्त से लगातार बीजेपी सरकार पर ही सवाल उठा रहे हैं.

सत्यपाल मलिक ने कहा कि PM मोदी ने उन्हें गृह मंत्री अमित शाह से मिलने की सलाह दी। इसके बाद वे शाह से मिले तो शाह ने उनसे कहा कि सत्यपाल लोगों ने उन्हें गलत फीडबैक दिया है। तुम बेफिक्र रहो, मिलते रहो। किसी न किसी दिन उन्हें यह बात समझ आ जाएगी।

किसान आंदोलन फिर हो सकता है, पद छोड़ने तैयार
मलिक ने कहा कि किसान आंदोलन अभी खत्म नहीं, बल्कि स्थगित हुआ है। किसानों के साथ कोई नाइंसाफी या अत्याचार हुआ, तो यह दोबारा शुरू हो सकता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को किसानों को MSP पर कानूनी गारंटी देनी चाहिए। सरकार को ईमानदारी दिखाते हुए किसानों पर दर्ज केस तुरंत वापस लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए जरूरत पड़ी, तो वे गवर्नर का पद छोड़ने के लिए तैयार हैं।

आश्वासन के बावजूद किसानों की मांगें अधर में

दिल्ली के बॉर्डर पर सालभर से बैठे किसानों ने 11 दिसंबर 2021 को केंद्र सरकार के लिखित आश्वासन के बाद घर वापसी की थी। केंद्र सरकार से किसान संगठनों को आश्वासन दिया था कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी जिसमें सरकारी अधिकारियों के अलावा खेती विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और किसान यूनियनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। हालांकि अभी तक इस कमेटी का गठन नहीं हुआ है।

आंदोलन के दौरान किसानों पर पुलिस ने हजारों केस दर्ज किए। सरकार ने ये केस वापस लेने का भी भरोसा दिलाया था मगर ऐसा नहीं हुआ है। हरियाणा में 48 हजार से ज्यादा किसानों पर दर्ज कुल 272 केसों में से 178 की चार्जशीट कोर्ट में फाइल हो चुकी है। 57 केस अनट्रेस थे जबकि 29 मामलों को रद्द करने की प्रक्रिया पेंडिंग है। सिर्फ 8 केसों के कैंसलेशन पेपर तैयार हुए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related

कन्यादान-राशि अब एक लाख, हर परिवार में एक सदस्य को नौकरी : सीएम योगी

Reading Time: 2 minutes मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उज्ज्वला के प्रत्येक लाभार्थी को हर दीपावली में गैस सिलेंडर मुफ्त मिलेगा। परिवहन निगम की बस में 60 साल और इससे ऊपर की महिलाओं को फ्री यात्रा की सुविधा दी जाएगी। बेटी के जन्म से लेकर स्नातक तक पढ़ाई की व्यवस्था भी करेंगे। चुनाव के बाद दो करोड़ […]

बस्ती में पोलिंग परसेन्टेज अन्य जिलो के मुकाबले सबसे अधिक रहेगा, अधिकारी व स्वयं सेवी संस्थाओं ने ली शपथ।

Reading Time: 2 minutes बस्ती। आज 11:00 बजे दिन में ऑडिटोरियम बस्ती में प्रदेश चुनाव अधिकारी श्री वेंकटेश्वर जी का आगमन हुआ उन्होंने जिलाधिकारी सहित सभी अधिकारियों और समाजसेवी संस्थाओं से मतदाता जागरूकता कार्यक्रम के संबंध में बात की और बस्ती का जायजा लिया और सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि आप जनता को वोट डालने के लिए उनसे […]

error: Content is protected !!
Designed and Developed by CodesGesture