दक्षिण अफ्रीका में चौथी लहर की आशंका; क्या भारत में भी बढ़ेंगे मामले?

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24 नवंबर को ओमिक्रॉन का पहला केस मिला और 12 दिन में ही ये 35 से ज्यादा देशों में फैल गया। इसके साथ ही दुनियाभर में कोरोना के नए केसेज रफ्तार पकड़ने लगे हैं। यूरोप, अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका और रूस जैसी जगहों पर कोरोना ने फिर रफ्तार पकड़ी है। बढ़ते केसेज के बीच न्यूयॉर्क में प्राइवेट कंपनियों के लिए वैक्सीनेशन अनिवार्य कर दिया गया है। वहीं, फ्रांस में नाइट क्लब बंद कर दिए गए हैं।

यूरोप के कई देश कोरोना के बढ़ते केसेज से परेशान हैं। यूरोप में नए केसेज का 7 दिन का औसत सबसे ज्यादा हो गया है। दिसंबर के शुरुआती 6 दिन में ही यूरोप में 21.62 लाख नए केसेज मिले हैं। जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन, पोलैंड उन देशों में हैं, जहां सबसे ज्यादा केसेज आ रहे हैं।

ब्रिटेन में ओमिक्रॉन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। यहां बीते दिन ओमिक्रॉन के 90 नए केस मिले। UK में अब इससे संक्रमितों की कुल संख्या 336 हो गई है। इनमें से 64 केस इंग्लैंड, 23 स्कॉटलैंड और 3 वेल्स के हैं।

फ्रांस में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। पिछले 3 हफ्तों से फ्रांस में हर रोज 32 हजार से ज्यादा नए केसेज आ रहे हैं। इसे देखते हुए यहां नाइट क्लब 4 हफ्ते के लिए बंद करने का फैसला लिया गया है। साथ ही स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन और मास्क लगाने को सख्त कर दिया गया है। फ्रांस में यह भी देखा जा रहा है कि बड़ी संख्या में युवा कोविड-19 से संक्रमित हो रहे हैं।

दक्षिण अफ्रीका में 1 नवंबर को कोरोना संक्रमण के 106 केस आए थे। 1 दिसंबर को यह आंकड़ा बढ़कर 8,561 हो गया। यानी एक महीने में इसमें 80% का उछाल आया। पिछले 2 दिन से औसतन 10 हजार से ज्यादा नए केसेज आ रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रॉन के मामले भी 5 गुना तेजी से बढ़ रहे हैं। अब कुल टेस्ट में से हर चौथे टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है। दो हफ्ते पहले तक केवल 2% व्यक्ति ही पॉजिटिव आ रहे थे। दक्षिण अफ्रीका ओमिक्रॉन के चलते कोरोना की चौथी लहर शुरू हो चुकी है।

अमेरिका में एक हफ्ते के नए केसेज का औसत 2 महीने में सबसे ज्यादा हो गया है। 2 दिसंबर के बाद से एक हफ्ते में हर दिन औसतन 1 लाख से ज्यादा नए केसेज आ रहे हैं। इससे पहले इतने केस अक्टूबर के पहले हफ्ते में मिले थे।

अमेरिका में ज्यादातर नए केसेज के पीछे डेल्टा वैरिएंट ही है, लेकिन यहां ओमिक्रॉन की एंट्री भी हो गई है। अमेरिका के 17 राज्यों में ओमिक्रॉन के मामले मिले हैं। क्रिसमस को देखते हुए अमेरिका में सख्ती बढ़ाई गई है। न्यूयॉर्क में प्राइवेट कंपनियों में काम करने वालों के लिए वैक्सीन अनिवार्य कर दी गई है। अलग-अलग राज्यों ने सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर अलग-अलग गाइडलाइन जारी की है।

रूस में कोरोना की वजह से स्थिति चिंताजनक है। बाकी देशों से अलग रूस में कोरोना के नए केसेज के साथ ही मौतें भी बढ़ रही हैं।

अक्टूबर की शुरुआत से ही कोरोना केसेज ने रफ्तार पकड़ी थी। नवंबर की शुरुआत में नए केसेज का औसत 39 हजार के आसपास पहुंच गया था। नवंबर के आखिरी दो हफ्तों में नए केसेज की रफ्तार कुछ कम हुई, लेकिन मौतें अपने पीक पर पहुंच गईं। 16 से 27 नवंबर तक रोजाना 1200 से ज्यादा मौतें हुईं। इस दौरान कई हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कमी भी सामने आई थी। रूस में ओमिक्रॉन की एंट्री भी हो गई है।

भारत

देश में 6 दिसंबर को कोरोना के 6,822 नए केस मिले। राहत की बात है कि पिछले 558 दिनों में ये सबसे कम नए केसेज हैं। फिलहाल 95,014 एक्टिव केस हैं, जो कि 554 दिनों में सबसे कम हैं। देश में ओमिक्रॉन के अब तक 20 से ज्यादा केस मिल चुके हैं।

दुनियाभर में क्या ओमिक्रॉन की वजह से बढ़ रहे हैं केसेज?

  • दक्षिण अफ्रीका में बढ़ते नए केसेज की वजह ओमिक्रॉन है। सबसे पहले ओमिक्रॉन दक्षिण अफ्रीका में ही सामने आया था। उसके बाद यहां तेजी से नए केसेज की रफ्तार बढ़ी है।
  • अमेरिका और यूरोपीय देशों में केसेज बढ़ने की वजह फेस्टिवल सीजन में लोगों की लापरवाही को माना जा रहा है। हाल ही में थेैंक्सगिविंग पर लाखों लोगों ने एक जगह से दूसरी जगह ट्रेवल किया है। क्रिसमस पर भी लोगों का बर्ताव इसी तरह रहा तो केसेज और बढ़ सकते हैं। फिलहाल आ रहे केसेज के पीछे डेल्टा वैरिएंट को वजह माना जा रहा है।
  • साथ ही अमेरिका और यूरोपीय देशों में ठंड की शुरुआत हो गई है। वहां सर्दियां बहुत तेज होती हैं, इस वजह से लोग बंद एनवॉयरमेंट में रहते हैं। वहां आमतौर पर फ्लू भी सर्दियों के मौसम में ही ज्यादा फैलता है। इसलिए वहां केसेज रफ्तार पकड़ने लगे हैं।

क्या भारत में भी बढ़ सकते हैं केसेज?

हां। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने कहा है कि ओमिक्रॉन की संक्रमण दर काफी तेज है और अगर तुरंत जरूरी कदम नहीं उठाए तो खतरनाक तीसरी लहर आ सकती है। भले ही सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर सख्ती बढ़ी हो, लेकिन लोग अभी भी लापरवाही कर रहे हैं। विदेश से लौटे लोग अधिकारियों को गलत पता और मोबाइल नंबर देकर गायब हो गए हैं। महाराष्ट्र के ठाणे में विदेश यात्रा से लौटे 295 लोगों में से 109 लापता हैं। अगर देश में इसी तरह लापरवाही बढ़ती रही तो भारत में भी केसेज बढ़ सकते हैं।

साथ ही हमें ये भी ध्यान रखना होगा कि जहां भी केसेज बढ़ रहे हैं, वहां वैक्सीनेटेड लोगों को भी इंफेक्शन हो रहा है। यानी आप वैक्सीन के दोनों डोज लेने के बाद बेफिक्र नहीं घूम सकते। कोरोना से बचने के लिए वैक्सीनेशन के साथ ही कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना भी जरूरी है।

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